अपना नक्षत्र कैसे जानें?
जन्म नक्षत्र जानने के लिए जन्म के समय चंद्रमा की निरयन स्थिति देखी जाती है। केवल नाम या जन्म के महीने से यह पक्का नहीं निकलता। सही तारीख, समय और जन्म स्थान से कुंडली बनाना सबसे सीधा तरीका है। फिर नतीजे में चंद्रमा का नक्षत्र देखें।
जन्म नक्षत्र किसे कहते हैं?
ज्योतिष में राशि चक्र के 360 अंश को 27 बराबर हिस्सों में बाँटा जाता है। हर नक्षत्र 13 अंश 20 कला यानी 13°20′ का होता है। जन्म के समय चंद्रमा जिस हिस्से में हो, वही जन्म नक्षत्र या Janma Nakshatra है। दूसरे ग्रहों के नक्षत्र भी बताए जा सकते हैं, लेकिन सामान्य सवाल “मेरा नक्षत्र क्या है?” में चंद्रमा का नक्षत्र पूछा जाता है।
राशि और नक्षत्र अलग पैमाने हैं। एक राशि 30 अंश की होती है; एक नक्षत्र उससे छोटा है। कुछ नक्षत्र दो राशियों में फैले होते हैं। इसलिए एक ही चंद्र राशि वाले दो लोगों के नक्षत्र अलग हो सकते हैं। नाम सुनकर किसी व्यक्ति के स्वभाव या जीवन का निश्चित फैसला नहीं किया जा सकता।
टूल से जानने के आसान कदम
अपनी जन्म तारीख, स्थानीय जन्म समय और जन्म शहर तैयार रखें। कुंडली पेज पर वही विवरण भरें। विदेश में जन्म हुआ हो तो जन्म वाला शहर और वहाँ का स्थानीय समय चुनें, भारत का समय अपने आप न बना लें। नतीजे में चंद्र राशि, नक्षत्र और चरण पढ़ें। जानकारी गलत भरी हो तो पहले उसे सुधारें।
चंद्रमा नक्षत्र की सीमा के पास हो तो समय में अंतर से जवाब बदल सकता है। समय अनुमानित है तो परिवार या अस्पताल का रिकॉर्ड खोजें। दिन भर में नक्षत्र बदल सकता है, इसलिए केवल जन्म तारीख से मिला जवाब हमेशा पर्याप्त नहीं है। जन्म के विवरण से गणना आपके ब्राउज़र में होती है।
चरण या पाद क्या होता है?
हर नक्षत्र के चार बराबर चरण होते हैं। एक चरण 3°20′ का है। पहले चौथाई में चंद्रमा हो तो पहला चरण, अगले में दूसरा, फिर तीसरा और चौथा। उदाहरण के लिए अश्विनी में मेष के 0° से 3°20′ तक पहला चरण और 3°20′ से 6°40′ तक दूसरा चरण होगा। सीमा का बिंदु अगले चरण में गिना जाता है।
कुछ परिवार नामकरण में चरण से जुड़े अक्षर देखते हैं। इसे परंपरा और अपनी पसंद के साथ समझें, अनिवार्य नियम नहीं। नाम के पहले अक्षर से जन्म नक्षत्र उल्टा निकालना भरोसेमंद तरीका नहीं, क्योंकि सभी नाम इस नियम से नहीं रखे जाते।
27 नक्षत्रों की पूरी सूची
नीचे के अंश हर बताई गई राशि के भीतर हैं, पूरे चक्र के कुल अंश नहीं। शुरुआत शामिल है और अंत अगला हिस्सा शुरू करता है। “स्वामी” विंशोत्तरी दशा का पारंपरिक ग्रह संबंध है, नक्षत्र के देवता का नाम नहीं। फ़ोन पर पूरी तालिका देखने के लिए उसे दाएँ-बाएँ खिसका सकते हैं।
| हिंदी नाम | अंग्रेज़ी नाम | स्वामी (विंशोत्तरी) | निरयन राशि में हिस्सा |
|---|---|---|---|
| अश्विनी | Ashwini | केतु | मेष 0°–13°20′ |
| भरणी | Bharani | शुक्र | मेष 13°20′–26°40′ |
| कृत्तिका | Krittika | सूर्य | मेष 26°40′–वृषभ 10° |
| रोहिणी | Rohini | चंद्र | वृषभ 10°–23°20′ |
| मृगशिरा | Mrigashira | मंगल | वृषभ 23°20′–मिथुन 6°40′ |
| आर्द्रा | Ardra | राहु | मिथुन 6°40′–20° |
| पुनर्वसु | Punarvasu | गुरु | मिथुन 20°–कर्क 3°20′ |
| पुष्य | Pushya | शनि | कर्क 3°20′–16°40′ |
| आश्लेषा | Ashlesha | बुध | कर्क 16°40′–30° |
| मघा | Magha | केतु | सिंह 0°–13°20′ |
| पूर्व फाल्गुनी | Purva Phalguni | शुक्र | सिंह 13°20′–26°40′ |
| उत्तर फाल्गुनी | Uttara Phalguni | सूर्य | सिंह 26°40′–कन्या 10° |
| हस्त | Hasta | चंद्र | कन्या 10°–23°20′ |
| चित्रा | Chitra | मंगल | कन्या 23°20′–तुला 6°40′ |
| स्वाती | Swati | राहु | तुला 6°40′–20° |
| विशाखा | Vishakha | गुरु | तुला 20°–वृश्चिक 3°20′ |
| अनुराधा | Anuradha | शनि | वृश्चिक 3°20′–16°40′ |
| ज्येष्ठा | Jyeshtha | बुध | वृश्चिक 16°40′–30° |
| मूल | Mula | केतु | धनु 0°–13°20′ |
| पूर्वाषाढ़ा | Purva Ashadha | शुक्र | धनु 13°20′–26°40′ |
| उत्तराषाढ़ा | Uttara Ashadha | सूर्य | धनु 26°40′–मकर 10° |
| श्रवण | Shravana | चंद्र | मकर 10°–23°20′ |
| धनिष्ठा | Dhanishtha | मंगल | मकर 23°20′–कुंभ 6°40′ |
| शतभिषा | Shatabhisha | राहु | कुंभ 6°40′–20° |
| पूर्व भाद्रपद | Purva Bhadrapada | गुरु | कुंभ 20°–मीन 3°20′ |
| उत्तर भाद्रपद | Uttara Bhadrapada | शनि | मीन 3°20′–16°40′ |
| रेवती | Revati | बुध | मीन 16°40′–30° |
नतीजे का इस्तेमाल कैसे करें?
नक्षत्र जानना पंचांग और जन्म कुंडली की भाषा समझने की शुरुआत है। विंशोत्तरी दशा की शुरुआती गणना में चंद्र नक्षत्र की भूमिका होती है। इसका अर्थ यह नहीं कि नक्षत्र के नाम से कोई तय घटना या पूरी जीवन कहानी पता चल जाती है। परिवार की परंपरा पढ़ना और भविष्य की गारंटी मान लेना अलग बातें हैं।
अलग टूल में फर्क मिले तो जन्म समय, स्थान और अयनांश मिलाएँ। Pocket Jyotish लाहिड़ी अयनांश इस्तेमाल करता है। किसी व्यक्ति को नक्षत्र के आधार पर कमतर न समझें। बड़े फैसलों में वास्तविक परिस्थिति और विशेषज्ञ की सलाह लें। Pocket Jyotish AI AI शब्द समझा सकता है, पर वह इंसान नहीं और गलती कर सकता है।
अक्सर पूछे गए सवाल
क्या जन्म नक्षत्र चंद्रमा से निकलता है?
हाँ। सामान्य रूप से जन्म नक्षत्र जन्म के समय चंद्रमा का नक्षत्र होता है।
क्या नाम से नक्षत्र पक्का पता चलता है?
नहीं। हर नाम नक्षत्र के अक्षर से नहीं रखा जाता। जन्म तारीख, समय और स्थान से गणना करें।
एक नक्षत्र में कितने चरण होते हैं?
चार चरण होते हैं। हर चरण 3°20′ और पूरा नक्षत्र 13°20′ का होता है।